सहारा इंडिया परिवार में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है। वर्ष 2023 से कंपनी द्वारा निवेशकों की जमा राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और कई लोगों को पहली किस्त सफलतापूर्वक मिल भी चुकी है। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे निवेशक रह गए थे जिनका फॉर्म गलतियों, अधूरी जानकारी या दस्तावेज़ की समस्या के कारण कैंसिल हो गया था। लंबे समय से इंतजार कर रहे इन निवेशकों के लिए अब कंपनी ने रिफंड रि-सबमिशन की सुविधा शुरू कर दी है, जिससे वे दोबारा अपना दावा दर्ज कर सकते हैं और अपना पैसा वापस प्राप्त कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने के मुख्य कारण
कई निवेशकों की शिकायत थी कि उनका रजिस्ट्रेशन सही जानकारी देने के बाद भी रद्द कर दिया गया। जांच में सामने आया कि रद्द होने के प्रमुख कारण सामान्य और तकनीकी दोनों तरह की गलतियाँ थीं। कई फॉर्म्स में निवेश विवरण अधूरा था, तो कुछ में दस्तावेज़ सही ढंग से अपलोड नहीं किए गए थे। आवेदन भरते समय गलत जानकारी दर्ज होना भी एक बड़ी वजह रही। वहीं कई मामलों में तकनीकी दिक्कतों के कारण फॉर्म पूरा होते हुए भी सबमिट नहीं हो पाया। ये सभी कारण मिलकर बड़ी संख्या में निवेशकों का आवेदन कैंसिल कर गए थे, जिससे वे रिफंड प्रक्रिया से बाहर हो गए।
अब सक्रिय हुआ रि-सबमिशन लिंक
निवेशकों की परेशानियों को देखते हुए कंपनी ने अब रि-सबमिशन का लिंक पुनः सक्रिय कर दिया है। इस सुविधा से वे सभी लाभ उठा सकते हैं जिनका आवेदन पहले किसी गलती की वजह से अस्वीकृत हो गया था। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और निशुल्क है, इसलिए कोई भी निवेशक घर बैठे अपना दावा फिर से दर्ज कर सकता है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि सही जानकारी और साफ दस्तावेज़ अपलोड करने पर रिफंड एक महीने से लेकर अधिकतम 45 दिनों के भीतर जारी किया जा सकता है। इस अवधि में दावा सत्यापन पूरा होने पर भुगतान सीधे निवेशक के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।
रि-सबमिशन कैसे करें?
रिफंड रि-सबमिशन की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है ताकि आम निवेशक भी बिना किसी परेशानी के फॉर्म दोबारा भर सकें। सबसे पहले आधिकारिक सहारा रिफंड पोर्टल पर जाएं और वहाँ उपलब्ध रि-सबमिशन विकल्प चुनें। इसके बाद पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें, ताकि पहले से भरे गए विवरण सामने आ सकें। इसके बाद फॉर्म को ध्यान से देखें और जहाँ भी गलती हो उसे सुधारें। यदि आवश्यक हो तो पूरा फॉर्म नए सिरे से भी भरा जा सकता है। इसके बाद मांगे गए दस्तावेज़ दोबारा अपलोड करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज़ साफ, स्पष्ट और पूर्ण हों। अंत में फॉर्म को सबमिट कर दें। सबमिशन सफल होने के बाद निवेशक दोबारा भुगतान प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
रि-सबमिशन पूरा करने के बाद निवेशकों के लिए स्टेटस चेक करना भी आसान है। आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करते ही आवेदन की स्थिति दिखाई देती है। यहाँ यह भी पता चलता है कि रि-सबमिशन स्वीकार हुआ या नहीं और रिफंड प्रक्रिया किस चरण में पहुँच चुकी है। कई निवेशक समय-समय पर स्टेटस देखकर यह समझ सकेंगे कि उनका दावा सत्यापन में है या भुगतान के लिए अनुमोदित हो चुका है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
रिफंड प्रक्रिया को तेज और बिना समस्या के पूरा करने के लिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरते समय किसी भी विवरण को अनदेखा न करें। सभी दस्तावेज़ सही प्रारूप में और साफ दिखाई देने वाले होने चाहिए। गलत जानकारी देने या दस्तावेज़ अधूरे होने की स्थिति में आवेदन फिर से अस्वीकार किया जा सकता है। इसलिए हर जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी है। कंपनी की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि केवल वही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे जिनमें कोई गलती न हो और सभी आवश्यक दस्तावेज़ सही तरह से संलग्न हों।
